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इस जिले के सिरके की है अलग पहचान, कई प्रदेशों में होता है निर्यात

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जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, मंडलायुक्त गोविंदराजू एन.एस. और जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने फीता काटकर

बस्ती। वोकल फॉर लोकल के माध्यम से जिला स्तर पर लोगों को स्थानीय उत्पादों और व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद‘ प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, मंडलायुक्त गोविंदराजू एन.एस. तथा जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने फीता काटकर एंव दीप प्रज्ज्वलित करके आचार्य रामचन्द्र शुक्ल मेमोरियल पुस्तकालय, टाउनक्लब में किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने प्रत्येक स्टाल पर जाकर उत्पादों को देखा तथा उसकी सराहना किया। उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2018 से प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना में फर्नीचर एवं सिरका उत्पाद को चुना गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में जनपद वासियों से अपील किया कि प्रदर्शनी में पहुंचकर अपने जनपद के उत्पाद फर्नीचर, सिरका, रेडीमेड कपडे, खिलौने को खरीदकर जनपद के उत्पाद को प्रोत्साहित करें। उन्होने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी जिले के अन्य क्षेत्रों में लगायी जानी चाहिए ताकि लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होने कहा कि बस्ती जिले में उत्पादित सिरके की एक अलग ही पहचान है। यह उत्पाद आसपास के जिलों एंव अन्य राज्यों में निर्यात किया जाता है। मण्डलायुक्त गोविंदराजू एन.एस. ने कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढावा देना है। उन्होने बताया कि जिले के महत्वपूर्ण उत्पाद जैसे-फर्नीचर, सिरका, रेडिमेड कपड़े की प्रदर्शनी लखनऊ, दिल्ली हाट तथा सूरजकुण्ड मेला में भी लगायी जाती है, जिससे की उद्यमियों को बाजार मिल सके।
उन्होने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत उद्यमियों को बैंक के ऋण, अनुदान, विद्युत एवं अन्य विभागीय सुविधाए उपलब्ध करायी जाती है। जनपद में परसरामपुर ब्लाक के सिकन्दरपुर में लगभग 80 इकाईया स्थापित है, जिनके द्वारा कलात्मक एवं घरेलू उपयोग के फर्नीचर बनाये जाते है। इसमें कुर्सी, मेज, बेड, सोफा, सिंगारदान, डयानिग टेबुल, खिड़की, दरवाले बनाये जाते है। इसके अलावा हर्रैया में सिरका का उत्पादन किया जाता है, जिसमें लगभग 250 लोग रोजगार प्राप्त कर रहे है। इसके लिए जिले में गन्ना कच्चा माल के रूप में उपलब्ध है। सिरका औषधीय गुड के रूप में जाना जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि फर्नीचर एंव सिरका व्यवसाय के लिए रू0 25 लाख तक 25 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। योजना के प्रारम्भ से अब तक 88 व्यक्तियों को रू0 7.56 करोड़ बैंक ऋण दिलाया गया है। 775 व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान कर टूलकिट दिया गया है।
जिला अध्यक्ष महेश शुक्ला ने कहा कि प्रदर्शनी में खरीददारी करते हुए फोटो/वीडियो मीडिया, सोशल मीडिया और नमो ऐप पर डालें, जिससे एक जिला एक उत्पाद में अपना जनपद प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त कर सके। कार्यक्रम का संचालन महासचिव हरीशचन्द्र शुक्ला ने किया। इस प्रदर्शनी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उपायुक्त उद्योग हरेन्द्र प्रताप ने बताया कि यह प्रदर्शनी 25 सितम्बर तक टाउनक्लब में रहेंगी। उन्होने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर चेम्बर्स आफ इंडस्ट्री के अध्यक्ष अशोक सिंह, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पी.एम. सिंह, जगदीश शुक्ला, रामचरन चौधरी, श्रीमती रोली सिंह उद्यमी अनिल सिंह रैंकवार, मो. लतीफ, प्रहलाद, वीरेन्द्र मिश्रा, परमेश्वर शुक्ला, सरोज मिश्र, अर्जुन उपाध्याय, अमीर चन्द्र गुप्ता, रधुनाथ सिंह, अरविन्द्र श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, अनिल पाण्डेय, मल्लू काका उपस्थित रहें।

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