Home India News वेदों में वर्णित वर्ण व्यवस्था के विपरीत है सामाजिक कुरीतियां–

वेदों में वर्णित वर्ण व्यवस्था के विपरीत है सामाजिक कुरीतियां–

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राजेश शुक्ला (बनकटी- बस्ती )

 

महर्षि वशिष्ठ की तपोभूमि बटुक पुरी वशिष्ठ आश्रम बराण्डा में रूद्र काल महायज्ञ का आज अंतिम दिन है ।जिसमें अनवरत भंडारे का आयोजन चल रहा है विंध्यवासिनी धाम से पधारे पूज्य शंकराचार्य लक्ष्मणाचार्य जी महाराज ने भागवत जी का वर्णन करते हुए आज की सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रकाश डाला वहीं अयोध्या धाम से पधारे कलाकारों ने शूर्पणखा का मंचन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। एक-एक करके जैसे सीता हरण, जटायु मरण ,आदि का मंचन भी अद्भुत रहा।पूज्य महंत बाबा मधुबन दास जी ने लोगों का आभार ज्ञापित किया। और आज पूर्णाहुति होने की जानकारी देते हुए सभी दर्शकों को आमंत्रण स्वीकार कर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह भी किया है।यज्ञ कमेटी,शासन-प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।स्थानीय पुलिस का भी महती योगदान रहा।थानाध्यक्ष के नाम का बखान करते हुए पूज्य महंत मधुबन दास जी ने जथा नाम तथा गुणम से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष रामफेर चौधरी नंदेश्वर शुक्ला बब्बू शुक्ला अजीत शुक्ला राजकुमार मिश्रा दुर्गेश कुमार मिश्रा हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष राम दिनेश चौधरी आदि के साथ तमाम श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहें।

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