Home India News लहरी गांव में जमीनी विवाद को लेकर तनाव–

लहरी गांव में जमीनी विवाद को लेकर तनाव–

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बीपी लहरी-बनकटी बस्ती

जमीन के एक मामले में पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये के चलते लहरी गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मामला मुंडेरवा थाने का है। बताया गया कि लहरी में दो पक्ष शेरू के खेत और कन्हैयालाल आदि के बाग को लेकर सीमा विवाद है। जिसमें शेरू पक्ष के आग्रह पर उप जिलाधिकारी सदर श्रीप्रकाश शुक्ल ने क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक प्रबीण गिरि के साथ तीन लेखपालों की टीम गठित कर पुलिस बल के साथ विवादित भूखन्ड का सीमाँकन, पैमाइश करने का आदेश दिया। राजस्व टीम ने पुलिस बल के साथ बुद्धवार एक जुलाई को विवादित भूखन्ड की पैमाइश कर शेरू पक्ष के सिर्फ रकबे को तो पूरा कर दिया।

लेकिन दूसरे कन्हैयालाल आदि के पक्ष के रकबे को पूर्ण ना करके टीम ने पक्षपात पूर्ण रवैये का परिचय दिया। पैमाइश के बाद कन्हैयालाल आदि की सीमा शेरू के खेत में पहुँच गयी। जिसे शेरू आदि छोड़ने को तैयार नहीं हुये। जब कि दूसरा पक्ष नये सीमा को मानने को सहर्ष तैयार हो गया। दिलचस्प मामला तो यह है कि पैमाइश कराने वाले पक्ष का रकबा पूरा हो जाने के बाद भी वह दूसरे पक्ष के रकबे को छोड़ने को तैयार नहीं बल्कि फौजदारी पर अमादा है। दूसरे दिन गुरुवार को शेरू पक्ष का पैमाइश के दौरान जो रकबा शेरू के खेत में कन्हैयालाल आदि को मिला है।

उसमें शेरू ने धान की रोपाई कराने को प्रतिष्ठा बना लिया। बताया जा रहा है कि शेरू आदि ने दर्जनों की संख्या में हाकी डन्डों और असलहों के साथ बाहरी लोगों को हर स्थिति से निपटने के लिये बुलवा कर दहशत फैलाना शुरू कर दिया जो न सिर्फ दूसरे पक्ष को बल्कि अधिकाँश ग्रामीणों को भी नागवार लगा। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने 112 के अलावा थाने पर दी गयी। बदमाशों की संख्या दर्जनों होने के कारण 112 नं. की पुलिस मौके से भाग गयी। इसके बाद तीन चार कर्मियों की टीम के साथ पहुँचे नायब दरोगा राम देव ने बाहर से आये तीन लोगों के साथ कन्हैयालाल पक्ष के जयराम, शिवकुमार समेत चार निर्दोषों को भी गिरफ्तार कर थाने पर ले गये।

जबकि जो लोग छिप गये वहाँ पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर भी जाकर उन्हें पकड़ना उचित नहीं समझा। कुछ देर के बाद मामले के कथित गुनहगार शेरू को भी पुलिस ने बुलवाकर थाने पर बैठा तो लिया। लेकिन पता चला है कि कुछ देर बाद पुलिस ने शेरू को छोड़ दिया। पुलिस के इस पक्षपात पूर्ण और नक्कारेपन से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश और दहशत का माहौल ब्याप्त है। थानाध्यक्ष मुन्डेरवा सुशील कुमार शुक्ल ने कहा है कि अभी तक शेरू पुलिस गिरफ्त में है। कल लिखा पढ़ी होगी। पुलिस अपना काम कर रही है।

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