Home गोरखपुर पढ़ने की उम्र में मासूमों को बनाया नरेगा मजदूर

पढ़ने की उम्र में मासूमों को बनाया नरेगा मजदूर

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मासूमों को नही मिला किताब, हाथ मे थमाया कुदाल

शक्ति ओम सिंह
गोरखपुर (खजनी )।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे सर्व शिक्षा अभियान को चिढ़ाती यह तस्वीर देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सर्व शिक्षा अभियान पर अधिकारियों का दावा और हकीकत में कितना अंतर है। सरकार नौनिहालों के भविष्य को सुधारने के लिए धन पानी की तरह बहा रही है, लेकिन कुछ चुनिंदा अधिकारी और कर्मचारियों के कारण सरकार के दावे और हकीकत में काफी अंतर देखने को मिलता है।

ताजा मामला है गोरखपुर के खजनी विकास खण्ड के ग्राम गोपालपुर का, जहां जिन मासूम बच्चों के हाथ मे कलम और किताब होनी चाहिए, उन्हें कुछ जिम्मेदार लोगों ने उनके हाथ मे कुदाल और खांची थमा दिया।
गोरखपुर जनपद के विकास खण्ड खजनी क्षेत्र के ग्राम सभा गोपालपुर में मनरेगा का काम नाबालिक बच्चों द्वारा कराए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से गांव में चल रहे मनरेगा के काम में स्थानीय बच्चों को शामिल कर उन्हें मजदूर बना दिया गया।

कुछ बुद्धजीवी वर्ग द्वारा इसका विरोध भी किया गया, लेकिन गाँव के मुखिया सहित पंचायत मित्र इंद्रसेन सिंह पर कोई फर्क नही पड़ा। ग्रामीणों के विरोध पर पंचायत मित्र इन्द्रसेन ने शिकायत पर जोर आजमाइश कर लेने की चेतावनी दे डाला। एडीओ पंचायत योगेंद्र सिंह का कहना है अगर नरेगा का काम नाबालिक बच्चे द्वारा कराया जा रहा है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी| वही ग्राम प्रधान ज्ञान सिंह का कहना है काम चल रहा है बच्चे नाबालिक बालिक हमको नहीं पता|

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