Home मध्य प्रदेश जाने टीबी रोग से बचाव के टिप्स

जाने टीबी रोग से बचाव के टिप्स

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उपस्थित छात्राएं
उपस्थित छात्राएं

बस्ती। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चौधरी त्रिवेणी राम बालिका इण्टर कॉलेज कलवारी मे स्कूल एक्टिविटी का आयोजन किया गया। छात्राओं को टी.बी.रोग के प्रति जागरूक करते हुए एस. टी.एस. राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि टी.बी. एक संक्रामक रोग है जो कि क्षय कीटाणु माइकोबैक्टीरियम टुबरकुलोसिस से फैलता है। क्षय कीटाणु मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसके कारण फेफड़े की टी.बी. होती है। टी.बी. के कीटाणु हवा द्वारा फैलते हैं। जब फेफड़े की टी.बी. का रोगी खांसता या छींकता है तो वह माइकोबैक्टीरियम नाम के रोगाणु छोटे छोटे कणों के रूप मे वातावरण मे फेंकता है। बलगम के छोटे छोटे कण जब साँस के साथ स्वस्थ व्यक्ति के शरीर मे प्रवेश करते हैं तब वह क्षय रोग से ग्रसित हो सकता है। टी.बी. के रोगाणु नाक तथा मुँह के द्वारा हवा के माध्यम से शरीर मे पहुंचते हैं।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों मे मुफ्त इलाज किया जाता है और दवाइयां भी मुफ्त दी जाती है। डॉट्स ही टी.बी.को नियंत्रित करने की सबसे अच्छी और एकमात्र विधि है तरीका है। टी.बी. का पूरी तरह से इलाज हो सकता है, उचित दवा तथा भोजन द्वारा यह रोग पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है।
जिला पी.पी. एम.कोऑर्डिनेटर मोहम्मद अब्दुल सईद ने कहा कि बलगम के दो नमूने की जाँच होती है, एक बासी मुँह और दूसरा वही पे तत्काल दिया जाता है, डिब्बी मे अच्छी तरह खाँसकर बलगम निकाल के लाया जाता है, थूक या लार नहीं लाया जाता, अगर जाँच के लिए लार या थूक लाया जाएगा तो इससे रोग का पता नहीं चल पाएगा।
इस दौरान एस. टी.एल.एस. शिवशंकर, प्रधानाचार्या श्रीमती प्रतिमा चौधरी, निर्मला, विनोद कुमार, जीतेन्द्र कुमार चौधरी, सरिता, लल्लू राम मौर्या, श्यामसुंदर यादव, संगीता, कमलावती सहित सैंकड़ो छात्राएं उपस्तिथ रही ।

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