Home New Delhi आज से एटीएम उगलेंगे दो हजार के नोट, नकदी का संकट गहराया

आज से एटीएम उगलेंगे दो हजार के नोट, नकदी का संकट गहराया

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बस्ती: दो हजार का नया नोट पाने को बेचैन लाखों लोगों के इंतजार की घड़ी समाप्त हो गई। नई नोटों की आई खेप बैंक की शाखाओं में लेने से लोग परहेज कर रहे हैं। इसे देखते हुए स्टेट बैंक ने शहर के एटीएम में अपलोड कर दिया है। दोपहर में एक जगह इसका ट्रायल चला,लेकिन सफल नहीं हो पाया। शाम को तकनीकी विशेषज्ञ बुलाए गए। देर रात तक रीड करने की समस्या दूर कर ली गई।बुधवार को शहर के चार एटीएम दो हजार का नोट उगलेंगे। प्रबंधक लीड बैंक जगदीश नरायन तिवारी ने बातचीत में इसकी पुष्टि की। बताया वैयक्तिक बैंक की शाखा के बाहर,कटरा,गांधी नगर और दक्षिण दरवाजा स्थित एटीएम में दो हजार के भरपूर नोट डाल दिए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं की काफी हद तक नकदी की समस्या दूर हो जाएगी। अभी तक बैंक के पास सौ रुपये के ही नोट रहे,जो एटीएम में अपलोड किए जा रहे थे। भीड़ के चलते यह दो घंटे में ही खाली हो जा रहे हैं। यह समस्या सभी सरकारी और निजी बैंकों की है। अब शहर के कुछ एटीएम में ही सौ रुपये के नोट मिलेंगे। प्रबंधक ने बताया जल्द ही हजार और पांच सौ के भी नए नोट आने वाले हैं। यह बैंकों में पहुंचते ही करेंसी समस्या दूर हो जाएगी।

पूर्वांचल बैंक की शाखाओं में करेंसी संकट गहराया

पूर्वांचल बैंक की ग्रामीण क्षेत्रों में 59 शाखाएं हैं। इनमें मंगलवार को एक करोड़ के नए और पुराने 50-100 के अलावा 10-20 के नोट भेजे गए। बैंकों पर उमड़ी भीड़ के आगे यह अपर्याप्त रहा। दोपहर बाद दो बजे तक ही बैंकों से नकदी खाली हो गया। बुधवार को शाखाओं पर छोटे नोटों की खेप पहुंचाने के इंतजाम में बैंक प्रबंधन देर शाम तक स्टेट बैंक और आरबीआई के अधिकारियों के संपर्क बनाने में जुटा रहा। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन ¨सह ने बताया कि जो नोट मिले थे वह शाखाओं से समाप्त होने को है। सुबह तक नोट नहीं मिले,तो दिक्कत आएगी। इससे निबटने को लगातार प्रयास किया जा रहा है।

पंजाब नेशनल बैंक के जिला समन्वयक एमपी दूबे ने बताया फिलहाल काफी हद तक नोट की समस्या दूर कर ली गई है। बैंक की शाखाओं के साथ ही एटीएम को अपलोड कर पूरी क्षमता पर संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह दस बजे तक एटीएम में पैसे डाले जा रहे हैं,लेकिन भीड़ के चलते दोपहर तक ड्राई हो जा रहा है।

छोटे नोट की ¨चता से हर कोई परेशान

छोटी नोट और नई करेंसी की पाने की ¨चता लोगों को चैन से बैठने नहीं दे रही है। लोग बैंक समय से पहले ही रुपये बदलने और जमा करने के लिए बैंक व एटीएम पर पहुंच जा रहे हैं। बूढ़े, जवान व महिलाएं सब के सब घर का जरूरी काम-काज छोड़ बस रुपये निकालने को लाइन में खड़े हो जा रहे है। घंटों लाइन में लगने के बाद रुपये हाथ में आ रहे हैं तो ऐसा लग रहा मानो जंग जीत कर आ रहे हों। छोटी नोट और नई करेंसी हाथ में पाने वालों के चेहरे पर संतोष के भाव देखने लायक होते हैं।

। मंगलवार को शहर के सभी बैंकों व चल रहे आधा दर्जन एटीएम पर रुपये के लिए मारामारी जैसी स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। एक दिन की बंदी के बाद बैंकों के शटर जैसे ही खुले लोगों में अंदर जाने की होड़ मच गई। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने शुरूआती आपाधापी को रोकने के लिए लाइन से आने की ताकीद की। मछली मंडी के पास स्थित वैयक्तिक शाखा के बाहर एटीएम के सामने सुबह 8 बजे से ही लाइन लग गई। सबकी निगाहें तालों पर टिकी रही। यही हाल कंपनीबाग के एचडीएफसी एटीएम की रही। यहां कतारें सड़क तक पहुंच गई। पंजाब नेशनल बैंक एटीएम से लोग लाइन लगाकर रुपये निकाले। स्टेट बैंक कोर्ट एरिया में दो लाइन लगी फिर कतार सड़क तक पहुंच गई। यहां हालात बेकाबू रहे। बैंक आफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर शहर व गांव की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक से निकले लोगों के चेहरे पर नई करेंसी पाने की खुशी साफ झलक रही थी।

स्वाइप मशीन से खरीद का चलन बढ़ा

करेंसी संकट के बीच अब लोग एटीएम को डेबिट कार्ड के रूप में इस्तेमाल करने लगे हैं। शहर के आधा दर्जन बड़े प्रतिष्ठानों पर ही स्वाइप मशीन है। कपड़ा व्यवसायी गो¨वद ने बताया कि उनकी दुकान पर ऐसे ग्राहक अधिक आ रहे हैं जिनके पास डेबिट कार्ड है। नकदी खरीद करने वालों की संख्या लगातार घट रही है।

इसी तरह से शहर के जितने भी मार्ट हैं वहां भी स्वाइप मशीन से खरीदारी का चलन बढ़ा है। दुकानदार भी लोगों को इसका प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

कटरा रोड स्थित मार्ट में पहुंचने वाले दस में से 9 डेबिट कार्ड से खरीददारी कर रहे हैं। मैनेजर गोपाल गुप्ता ने बताया 8 नवंबर के पहले यहां आने वाले सौ व्यक्तियों में से दो ही डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते थे। अब स्थिति बदल गई है। यह जरूर है सेल काफी प्रभावित हो गया है। लगन के मौसम में एक लाख से अधिक बिक्री नहीं हो पा रही है जबकि सामान्य दिनों में चार लाख तक की बिक्री हो रही थी। यह तो रही बड़े प्रतिष्ठानों की बात। शहर में छोटे अथवा मझोले दुकानदारों के पास कार्ड से भुगतान की सुविधा नहीं होने से व्यवसाय को खासा नुकसान हो रहा है।